Thursday, April 3, 2025

डिजिटल रुपया क्या है, कैसे काम करता है और डिजिटल रुपया कैसे खरीदें?

मुद्रा के डिजिटल रूप की लोकप्रियता को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने भी देश की आधिकारिक मुद्रा के डिजिटल रूप को लॉन्च करने का फैसला लिया है, जिसे डिजिटल रुपया (Digital Rupee) कहा जा रहा है।

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एक दौर था जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में मुद्रा के रूप में विनिमय के लिए वस्तुओं का इस्तेमाल किया जाता था, उदाहरण के तौर पर गेहूँ के बदले चावल या जूतों के बदले कपड़े इत्यादि।

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समय के साथ जैसे-जैसे दुनियाँ विकसित होती गई कीमती धातुओं जैसे सोने या चांदी का इस्तेमाल मुद्रा के रूप में हुआ और इसके पश्चात कागजी मुद्रा प्रचलन में आयी, जिसका इस्तेमाल आज भी बहुतायत से होता है।

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दिन-ब-दिन विकसित होती प्रोद्योगिकी तथा डिजिटलाइजेशन के इस दौर में मुद्रा का एक नया रूप भी हमारे सामने निकल कर आया है, जिसे डिजिटल मुद्रा के रूप में जाना जाता है।

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डिजिटल मुद्रा (Digital Currency), मुद्रा का एक ऐसा रूप है जिसका निर्माण, स्टोरेज तथा मैनेजमेंट केवल डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर ही किया जाता है। समय के साथ लोकप्रिय होती डिजिटल मुद्रा के चलते अब भारतीय रिजर्व बैंक ने भी रुपये का डिजिटल रूप यानी डिजिटल रुपया लॉन्च करने का फैसला लिया है।

इस लेख में आगे निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे

  • डिजिटल रुपया क्या है?
  • डिजिटल रुपया कैसे काम करता है?
  • डिजिटल रुपया PayTm, PhonePe जैसे डिजिटल वॉलेट से कैसे अलग होगा?
  • डिजिटल रुपया कहाँ से प्राप्त करें?
  • आप डिजिटल रुपए का इस्तेमाल कैसे कर पाएंगे?

डिजिटल रुपया क्या है?

देश के केंद्रीय बैंक यानी आरबीआई ने पिछले साल दिसंबर माह में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर डिजिटल रुपये (Digital Rupee) को लॉन्च किया, जिसे CBDC कहा जा रहा है।

सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) केंद्रीय बैंक द्वारा जारी करेंसी नोटों अथवा भारतीय रुपये का ही एक डिजिटल रूप या डिजिटल टोकन है, जिसका उपयोग संपर्क रहित लेन-देन में किया जा सकता है।

Central Bank Digital Currency (CBDC) किसी देश के केंद्रीय बैंक द्वारा जारी डिजिटल करेंसी होती है, जिसकी कीमत उस देश की फिएट करेंसी के मूल्य से आंकी जाती हैं।

डिजिटल रुपया, क्रिप्टोकरेंसी से कई मायने में अलग है, उदाहरण के लिए जहाँ क्रिप्टोकरेंसी पर केन्द्रीय बैंकों या सरकारों का कोई नियंत्रण नहीं होता वहीं डिजिटल रुपया एक लीगल टेंडर है। दूसरे शब्दों में डिजिटल रुपये की वही मान्यता होगी, जो भौतिक रुपये की होती है।

क्रिप्टोकरेंसी के विपरीत डिजिटल रुपया उसी मूल्यवर्ग (Denomination) में जारी किया जाएगा, जिसमें सिक्के और पारंपरिक कागजी रुपये को जारी किया गया है। क्रिप्टोकरेंसी का अपना मूल्यवर्ग होता है उदाहरण के लिए, बिटकॉइन की स्थिति में 0.0001 मूल्यवर्ग हो सकता है, जबकि डिजिटल रुपये की स्थिति में ऐसा नहीं होगा।

डिजिटल रुपया कैसे काम करेगा?

जैसा कि, हमने ऊपर समझा डिजिटल रुपये (Digital Rupee) को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किया जाएगा, लेकिन आम लोग इसे बैंकों के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे।

इस प्रक्रिया के लिए पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले देश के चार बड़े शहरों (मुंबई, बेंगलुरु, नई दिल्ली और भुवनेश्वर) तथा चार बैंकों (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक) का चुनाव किया गया था लेकिन बाद में इसमें चार अन्य बैंकों तथा कई अन्य शहरों को भी शामिल किया गया।

What Is Digital Rupee and How Will It Work
ऐसा दिखाई देगा आपके ई-वॉलेट में मौजूद डिजिटल रुपया

वर्तमान में लगभग सभी बैंकों द्वारा अपने ग्राहकों को एक Digital Rupee या e-Rupee वॉलेट की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है, ग्राहक गूगल प्ले स्टोर या एप्पल एप स्टोर से इस वॉलेट को इन्स्टॉल कर सकते हैं और अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

इस एप्लीकेशन के माध्यम से यूजर्स डिजिटल रुपये को खरीद सकते हैं, उसका इस्तेमाल कर सकते हैं या उसे वापस अपने बैंक एकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं।

डिजिटल रुपये के प्रकार

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा डिजिटल रुपये को दो वर्गों रिटेल (e₹-R) तथा होलसेल (e₹-W) में विभाजित किया गया है। रिटेल डिजिटल रुपये या e₹-R का इस्तेमाल कोई भी गैर-वित्तीय उपभोक्ता, निजी क्षेत्र से जुड़ा व्यक्ति, व्यवसायी आदि कर सकेगा, जबकि होलसेल डिजिटल रुपये या e₹-W का इस्तेमाल चुनिंदा वित्तीय संस्थानों मुख्यतः बैंकों द्वारा सेकेंडरी मार्केट से जुड़े लेन-देन में किया जाएगा।

डिजिटल रुपये और UPI में क्या अंतर है?

हम दिन भर में पेमेंट के लिए ना जाने कितनी बार UPI या BHIM, Google Pay, PhonePe जैसी एप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो ऐसे में यह प्रश्न उठना भी लाज़मी है कि, डिजिटल रुपया इनसे कैसे अलग है? अथवा जब हम पहले से ही मुद्रा के डिजिटल रूप का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो हमें डिजिटल रुपये की आवश्यकता क्यों है?

जब भी आप Google Pay जैसी किसी एप से भुगतान करते हैं, तो यह भुगतान आपके बैंक खाते में मौजूद भौतिक मुद्रा की एवज में होता है। उदाहरण के तौर पर जब आप UPI के माध्यम से किसी मर्चेन्ट को 1,000 रुपये का पेमेंट करते हैं तो अंततः यह पेमेंट आपके बैंक द्वारा मर्चेन्ट के बैंक को भौतिक मुद्रा के रूप में किया जाता है।

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दूसरे शब्दों में आप Google Pay या PhonePe जैसी एप्स से तभी पेमेंट कर सकेंगे जब उस मूल्य की भौतिक मुद्रा आपके बैंक में मौजूद हो, जबकि डिजिटल मुद्रा की स्थिति में ऐसा नहीं होता है।

डिजिटल रुपये (Digital Rupee) का मूल्य भौतिक मुद्रा से नहीं है, यह रिजर्व बैंक द्वारा स्वतंत्र रूप से जारी करी जाती है। इस प्रकार जब कोई यूजर डिजिटल रुपये के माध्यम से मर्चेन्ट को भुगतान करता है, तो यह सेटलमेंट तुरंत हो जाता है और इस प्रक्रिया में भौतिक मुद्रा का इन्वॉल्वमेंट नहीं होता।

डिजिटल रुपया कैसे खरीदें?

अगर आप भी डिजिटल रुपये का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको अपने बैंक का e-Rupee एप डाउनलोड करना होगा और शुरुआती रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को पूरा करना होगा। इसके तहत SIM कार्ड वेरिफिकेशन, e-Rupee पिन बनाना, KYC इत्यादि शामिल हैं।

सफलता पूर्वक रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद आपको डैशबोर्ड में चार विकल्प (Send, Collect, Load तथा Redeem) दिखाई देंगे। अपने वॉलेट में करेंसी जमा करने के लिए "Load" वाले विकल्प का चयन करें, पेमेंट प्राप्त करने के लिए "Collect" वाले विकल्प का चयन कर आपेक्षित राशि का QR कोड जेनेरेट करें।

Digital Rupee in Hindi

डिजिटल रुपये को वापस बैंक खाते में ट्रांसफर करने के लिए "Redeem" वाले विकल्प का चयन करें और किसी अन्य व्यक्ति को डिजिटल रुपया भेजने के लिए "Send" वाले विकल्प का चयन करें।

डिजिटल रुपये से जुड़ी कुछ अहम बातें

(i) डिजिटल रुपये का इस्तेमाल पर्सन-टू-पर्सन (डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल कर रहे किन्हीं दो व्यक्तियों के बीच लेन-देन के लिए) अथवा पर्सन-टू-मर्चेंट (किसी दुकान या शॉपिंग आउटलेट पर की गई खरीदारी के भुगतान के लिए) किया जा सकेगा। पर्सन टू मर्चेंट भुगतान क्यूआर कोड (QR Code) का उपयोग करके किया जा सकता है।

(ii) डिजिटल रुपये को बैंकों द्वारा उपलब्ध कराए गए e-वॉलेट में स्टोर करके रखने की एवज में कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा। हालांकि उपयोगकर्ता अपनी डिजिटल मुद्रा को कभी भी ई-वॉलेट से वापस बैंक एकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं।

(iii) आपका बैंक, आपको एक डिजिटल वॉलेट उपलब्ध करवाएगा, जिसका उपयोग आप अपने स्मार्टफोन या लैपटॉप के माध्यम से डिजिटल रुपये के ऑनलाइन लेन-देन के लिए कर सकते हैं।

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(iv) डिजिटल रुपया एक संप्रभु मुद्रा है, जिसे केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीति के अनुसार जारी करता है। केंद्रीय बैंक की बैलेंस शीट में यह भौतिक मुद्रा के समान ही एक देयता (Liability) के रूप में सूचीबद्ध होता है।

(v) चूंकि डिजिटल रुपया एक लीगल टेंडर है अतः सभी व्यक्तियों, व्यवसायों तथा सरकारी संगठनों द्वारा इसे भुगतान के वैध तरीके के रूप में मान्यता दी जाएगी।

(vi) डिजिटल रुपये का इस्तेमाल अब सामान्य UPI पेमेंट करने के लिए भी किया जा सकता है। इसके लिए आपको अपने e-Rupee एप में लॉगिन करना होगा और QR कोड स्कैनर की मदद से मर्चेन्ट के UPI QR कोड को स्कैन करके भुगतान करना होगा। आपकी डिजिटल करेंसी मर्चेन्ट के UPI से लिंक बैंक एकाउंट में क्रेडिट कर दी जाएगी।

सार-संक्षेप

डिजिटल रुपया, जिसे सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) भी कहा जाता है, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की गई एक डिजिटल मुद्रा है। यह फिजिकल करेंसी का इलेक्ट्रॉनिक वर्जन है और ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है।

डिजिटल रुपया देश की सरकार द्वारा समर्थित होता है, जो इसे बेहद सुरक्षित और भरोसेमंद बनाता है। इसका उपयोग डिजिटल वॉलेट या बैंक अकाउंट के माध्यम से लेन-देन में किया जा सकता है, जो पारंपरिक नकद लेन-देन के डिजिटल विकल्प के रूप में काम करता है।

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