सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अब मिलेगा ज्यादा ब्याज जानें क्या है यह योजना, इसके फायदे और पात्रता

Sukanya Samriddhi Yojana: केंद्र एवं राज्य सरकारें समय-समय पर विभिन्न सामाजिक वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं लेकर आती रहती हैं। ऐसी ही एक योजना केंद्र सरकार देश की बेटियों के एक मजबूत आर्थिक भविष्य तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लेकर आयी है, जिसे सुकन्या समृद्धि योजना का नाम दिया गया है।

पिछले हफ्ते केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत मिलने वाले ब्याज की दरों में वृद्धि करने का ऐलान किया है, आज इस लेख में विस्तार समझने का प्रयास करेंगे कि केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) क्या है, किन लोगों के लिए है, इस योजना के अंतर्गत बेटियों को क्या-क्या लाभ दिए जा रहे हैं तथा इस योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज और आवेदन की प्रक्रिया क्या है?

सुकन्या समृद्धि योजना क्या है?

केंद्र सरकार ने आम लोगों को नए साल का तोहफा देते हुए कई बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज की दरों में बढ़ोत्तरी करने का फैसला लिया है। यह वृद्धि साल की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च 2024) के लिए करी गई है, इन योजनाओं में मुख्य रूप से सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) तथा कुछ अन्य छोटी बचत योजनाएं शामिल हैं।

देश में बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से साल 2015 में केंद्र सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) की शुरुआत करी गौरतलब है कि, इसकी शुरुआत बेटी-बचाओ बेटी-पढ़ाओ कार्यक्रम के अंतर्गत करी गई थी।

सुकन्या समृद्धि योजना देश की बेटियों के लिए एक “बचत योजना” है, जिसमें 10 वर्ष से कम आयु की किसी बालिका के माता-पिता या अभिभावक योजना के अंतर्गत बेटी का अकाउंट खोल सकते हैं।

यह भी पढ़ें:

यह अकाउंट किसी बैंक अथवा पोस्ट ऑफिस में खुलवाया जा सकता है। सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ केवल पहली दो बेटियों को ही दिया जाता है किन्तु यदि पहली बेटी होने के पश्चात अगली दो जुड़वा बेटियाँ जन्म लेती हैं तो इस स्थिति में तीनों बेटियों को इस योजना का लाभ मिल सकेगा।

सुकन्या समृद्धि योजना के तहत कोई माता-पिता अपनी बेटी के नाम पर एक वित्त वर्ष में 250 रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक की धनराशि निवेश कर सकते हैं, जिस पर उन्हें अच्छा खासा ब्याज दिया जाता है। योजना की शुरुआत में किये गए निवेश पर सरकार 9.20 फीसदी का ब्याज दे रही थी लेकिन वर्तमान में इस योजना के तहत किये गए निवेश पर मिलने वाली ब्याज की दर 8.2% है, बता दें कि इसमें 0.2% की वृद्धि हाल ही में करी गई है।

सुकन्या समृद्धि योजना की विशेषताएं

सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बेटी के माता-पिता को 14 वर्षों तक हर साल एक न्यूनतम धनराशि (250 रुपये से 1.5 लाख के बीच) जमा करनी होगी और इसके पश्चात मैच्योरिटी पीरियड तक उन्हें सालाना कोई प्रीमियम नहीं भरना होगा, जबकि उनके निवेश पर उन्हें ब्याज मिलता रहेगा।

बेटी के 21 वर्षों के होने पर सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खुलवाया गया खाता परिपक्व (Mature) हो जाता है, हालांकि बेटी के 18 वर्ष का होने पर उसकी उच्च शिक्षा के लिए योजना के तहत निवेश की गई कुल राशि का 50 फीसदी निकाला भी जा सकता है। यदि माता-पिता किसी वर्ष प्रीमियम नहीं भर पाते हैं तो वे 50 रुपये का मामूली फाइन देकर अकाउंट को फिर से चालू करवा सकते हैं।

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) के तहत आवश्यक दस्तावेज

यदि आप भी सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) के तहत अपनी बेटी का अकाउंट खोलना चाहते हैं तो इसके लिए आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी-

  • बेटी के माता-पिता या अभिभावक की पासपोर्ट साइज फ़ोटो
  • बेटी का जन्म प्रमाण पत्र
  • माता-पिता या अभिभावक का पहचान पत्र (आधार कार्ड / वोटर आइडी कार्ड)
  • माता-पिता या अभिभावक का एड्रेस प्रूफ

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में निवेश करने की प्रक्रिया

सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) के अंतर्गत बचत एकाउंट खोलने के लिए सबसे पहले आपको नजदीकी पोस्ट ऑफिस अथवा किसी भी बैंक शाखा में जाना होगा और सुकन्या समृद्धि योजना के तहत आवेदन करने के लिए फॉर्म मांगना होगा ये फॉर्म आप यहाँ क्लिक कर ऑनलाइन भी डाउनलोड कर सकते हैं।

फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारी जैसे बालिका का नाम, अकाउंट खोलने वाले माता-पिता/अभिभावक का नाम, बालिका की जन्म तिथि एवं जन्म प्रमाण पत्र का विवरण, (प्रमाण पत्र संख्या, जारी करने की तारीख, आदि), माता-पिता/अभिभावक का पहचान पत्र आदि दर्ज करें और प्रारंभिक धनराशि तथा आवश्यक दस्तावेजों को फॉर्म के साथ चस्पा कर इसे जमा कर दें।

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में निवेश के फायदे

इस योजना की शुरुआत करने का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना है, ताकि उनकी उच्च शिक्षा तथा शादी में होने वाले खर्च की पूर्ति करी जा सके। इस योजना के कई लाभ हैं जिनमें कुछ मुख्य निम्नलिखित हैं-

(i) सुकन्या समृद्धि योजना बचत की पारंपरिक योजनाओं जैसे फिक्स्ड डिपॉजिट तथा रिकरिंग डिपॉजिट की तुलना में अधिक ब्याज देती है वर्तमान में इस योजना के तहत 8.2% की दर से ब्याज दिया जा रहा है अतः रिटर्न के लिहाज से यह स्कीम शानदार है।

(ii) इस योजना एक अन्य फायदा इसका सुरक्षित होना भी है, चूंकि यह एक भारत सरकार समर्थित योजना है अतः यहाँ निवेश किया गया पैसा पूरी तरीके से सुरक्षित रहता है।

यह भी पढ़ें :

(iii) इस योजना के द्वारा सर्विस क्लास लोग अपना टैक्स बचा सकते हैं। बता दें कि, सुकन्या समृद्धि योजना के तहत किया जाने वाला निवेश आयकर की धारा 80C के अंतर्गत शामिल है अर्थात यहाँ निवेश कर इनकम टैक्स रिटर्न में प्रति वर्ष 1.5 लाख रु. तक की टैक्स कटौती का लाभ लिया जा सकता है। इसके साथ ही इस योजना के अंतर्गत ब्याज के रूप में प्राप्त राशि भी आयकर से मुक्त होती है।

(iv) इस योजना का एक महत्वपूर्ण लाभ फिक्स्ड प्रीमियम न होना भी है, यहाँ आप सालाना 250 रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक की धनराशि निवेश कर सकते हैं। अतः आप अपनी आर्थिक स्थिति के अनुरूप किसी वर्ष कम अथवा किसी वर्ष अधिक निवेश कर सकते हैं आपके ऊपर एक निश्चित धनराशि जमा करने की बाध्यता नहीं रहेगी।

मैच्योरिटी से पहले खाता बंद कैसे होगा?

सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खोला गया बचत खाता बेटी के 21 वर्ष की आयु पूरी कर लेने पर परिपक्व होता है लेकिन यदि खाताधारक की किसी कारणवश मृत्यु हो जाती है तो निवेश की गई कुल राशि तथा उस समय तक अर्जित ब्याज को निकाला जा सकता है इसके लिए खाताधारक बेटी के माता-पिता या कानूनी अभिभावक को उसकी मृत्यु से संबंधित दस्तावेज जमा कराने होंगे।

बचत एकाउंट को ट्रांसफर करने की सुविधा

इस योजना के तहत खाताधारक को सुविधा मिलती है कि, वे अपना बचत खाता मौजूदा पोस्ट ऑफिस/ बैंक से दूसरे पोस्ट ऑफिस/ बैंक में ट्रांसफर करवा सकते हैं। ऐसा करने के लिए उन्हें अकाउंट ट्रांसफर फॉर्म भरना होगा और उसे जहाँ खाताधारक का वर्तमान में खाता है वहाँ जमा करना होगा। खाता ट्रांसफर करने के लिए आवेदन फॉर्म ऑनलाइन अथवा बैंक/पोस्ट ऑफिस से प्राप्त किये जा सकते हैं।

आर्टिकल शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *