Penny Stocks क्या होते हैं? क्या आपको Penny Stocks खरीदने चाहिए? देखिए पेनी स्टॉक्स से जुड़ी पूरी जानकारी

Penny Stocks in Hindi: इंटरनेट की पहुँच बढ़ने के साथ शेयर बाजार में निवेश करना आज बेहद आसान हो चुका है, कोई भी व्यक्ति केवल अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर आसानी से शेयर बाजार में पैसे निवेश कर सकता है। भले ही शेयर बाजार में लोगों की बढ़ती भागीदारी को किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा माना जाता हो किन्तु बाजार में बढ़ती भागीदारी के साथ ही निवेशकों को इस संबंध में जानकार और जागरूक होने की भी खासा जरूरत है।

हम सभी जानते हैं कि, शेयर बाजार में लाभ और जोखिम दोनों शामिल हैं लेकिन उचित ज्ञान और जागरूकता के चलते हम शेयर बाजार से होने वाले जोखिम को बहुत हद तक कम जरूर कर सकते हैं और एक अच्छा मुनाफा यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए आज हम शेयर बाजार से जुड़े एक महत्वपूर्ण विषय Penny Stocks पर चर्चा करने जा रहे हैं।

फाइनेंस से जुड़े आज के इस लेख में हम Penny Stocks से जुड़े कुछ अहम प्रश्नों जैसे Penny Stocks क्या होते हैं? अच्छे Penny Stocks की पहचान कैसे करें? Penny Stocks को कैसे खरीदें? Penny Stocks में निवेश के नुकसान और फायदे, Penny Stocks अधिक मुनाफा कैसे देते हैं? आदि का जवाब देने की कोशिश करेंगे।

पेनी स्टॉक्स क्या होते हैं? (Penny Stocks in Hindi)

पेनी स्टॉक (Penny Stocks) सामान्यतः ऐसी कंपनियों के शेयरों को कहा जाता है जो बहुत कम कीमत पर शेयर बाजार में ट्रेड होते हैं दूसरे शब्दों में वे शेयर जिनकी कीमत 10 रुपये या इससे कम (कई स्थितियों में 1 पैसे तक) होती है उन्हें Penny Stocks कहा जाता है। Penny स्टॉक्स को और भी कई नामों से जाना जाता है जिनमें मुख्य रूप से माइक्रो-कैप स्टॉक, जंक या भंगार स्टॉक्स जैसे नाम शामिल हैं।

Penny स्टॉक्स खरीदना किसी निवेशक के लिए लाभ और जोखिम के अवसरों को कई गुना तक बढ़ा देता है, यदि एक बेहतर रिसर्च करने के बाद किसी पैनी स्टॉक में निवेश किया जाए तो ऐसे स्टॉक किसी निवेशक को हजारों गुना तक का रिटर्न दे सकते हैं, कई ऐसे पैनी स्टॉक्स हैं जिन्होंने 10 15 सालों के दौरान अपने निवेशकों को करोड़पति तक बनाया है। चूँकि इनकी कीमत बहुत कम होती है अतः Penny Stocks में निवेश करने पर निवेशकों को लिक्विडिटी की समस्या आती है।

Penny Stocks क्यों खरीदे जाते हैं?

यदि आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं अथवा बाजार के बारे में समझ रखते हैं तो आप जानते होंगे कि, शेयर बाजार से कोई व्यक्ति किस प्रकार मुनाफा कमाता है। स्टॉक मार्केट से पैसे कमाने का सीधा फंडा है कम कीमत में शेयर खरीदो और जब शेयर के भाव बढ़ जाएं तो उन्हें बेच कर मुनाफा कमा लो, शेयर बाजार से होने वाला मुनाफा दो फ़ैक्टर्स पर निर्भर करता है पहला शेयरों की संख्या और दूसरा आपके निवेश के बाद शेयरों के भाव में वृद्धि।

कोई निवेशक Penny स्टॉक की तरफ क्यों आकर्षित होता है आइए इसे एक सरल उदाहरण की मदद से समझते हैं, उदाहरण के लिए यदि आपके पास किसी कंपनी के 1 लाख शेयर हैं और उस कंपनी के शेयर की कीमत 1 रुपये से बढ़ जाती है तो आपको सीधे 1 लाख रुपयों का मुनाफा होगा वहीं यदि आपके पास किसी कंपनी के 100 शेयर हैं लेकिन शेयर की कीमत 1000 रुपये बढ़ती है तो इस स्थिति में भी आपको 1 लाख का मुनाफा होगा किन्तु किसी कंपनी के शेयरों की कीमत में 1000 रुपयों की वृद्धि होना इतना आसान नहीं है।

इसी लिए निवेशकों खासकर नए निवेशकों को लगता है कि यदि वे किसी कंपनी के शेयर भारी मात्रा में खरीद लें तो केवल शेयर के भाव में कुछ पैसों की वृद्धि से ही उन्हें अच्छा मुनाफा हो जाएगा, चूँकि किसी अच्छी कंपनी के शेयरों को भारी मात्रा में खरीदने के लिए अच्छे-खासे कैपिटल की आवश्यकता होती है जो नए अथवा अधिकांश निवेशकों के पास नहीं होता है इसलिए वे penny Stocks की तरफ आकर्षित होते हैं जो उन्हें 5 पैसे, 10 पैसे, 1 रुपये जैसी कीमतों में मिल जाते हैं।

Penny Stocks जोखिम भरे क्यों होते हैं?

Penny Stocks किसी कचरे के ढेर के समान होते हैं, जहाँ दिखने वाला लगभग 90 फीसदी समान कचरा होता है। ऐसे में इस बात की संभावना बहुत अधिक होती है कि, आपके द्वारा चुना गया Penny Stock आपको मुनाफे के बजाए नुकसान करा दे। Penny Stocks सामान्य शेयरों की तुलना में अधिक जोखिम भरे क्यों होते हैं इससे पहले यह जानना जरूरी है कि, कोई शेयर या स्टॉक्स पैनी स्टॉक्स की कैटेगरी में आता कैसे है।

किसी स्टॉक के पेनी स्टॉक बनने के पीछे कई कारण हो सकते हैं और इन्हीं कारणों का पता लगाने से आप इस बात का अंदाजा भी लगा सकते हैं कि, किस पेनी स्टॉक्स में निवेश किया जा सकता है अथवा कौन Penny Stocks आपके लिए आर्थिक रूप से नुकसानदेह साबित हो सकता है।

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किसी स्टॉक्स के पेनी स्टॉक्स बनने के पीछे मुख्य रूप से दो कारण होते हैं इनमें पहला कारण है कंपनी के भीतर किसी प्रकार की गड़बड़ी जैसे खराब या भ्रष्ट प्रबंधन, खराब बिजनेस मॉडल, कंपनी को बहुत अधिक कर्ज, प्रतिस्पर्धा इत्यादि, वहीं दूसरा कारण कंपनी या बिजनेस का कुछ हद तक नया होना भी है, किसी भी बिजनेस की ग्रोथ होने और लोगों का उस कंपनी में भरोसा बनने में कुछ समय लगता है।

अतः ऐसी स्थित में जबकि कंपनी का प्रबंधन कंपनी को लेकर महत्वाकांक्षी है किन्तु अभी नया बिजनेस होने के चलते लोगों को कंपनी पर भरोसा नहीं है और कंपनी के शेयर Penny Stock की श्रेणी में हैं भविष्य में कंपनी के शेयरों में वृद्धि होने की बहुत अधिक संभावना बनी रहती है और ऐसे Penny Stocks समय के साथ Multibagger Stocks बनते हैं जो अपने निवेशकों को कई गुना मुनाफा देते हैं। इसके विपरीत ऐसे Penny Stock जो कंपनी के घोटालों, गड़बड़ियों, खराब प्रदर्शन के चलते Penny Stocks की श्रेणी में शामिल हैं उनके भविष्य में ऊपर बढ़ने की संभावना लगभग न के बराबर होती है।

Penny Stocks के साथ क्या रिस्क होते हैं?

ऊपर हमनें विस्तार से समझा आखिर कोई स्टॉक Penny Stock की श्रेणी में क्यों शामिल होता है अथवा कौन से वे कारण हैं जो किसी स्टॉक को पेनी स्टॉक बनाते हैं। आइए अब समझते हैं Penny Stocks के साथ किस प्रकार का जोखिम जुड़ा रहता है और क्यों निवेशकों को इन्हें खरीदने से पहले बहुत सतर्क रहने की जरूरत होती है।

तरलता या Liquidity का बहुत कम होना

Penny स्टॉक्स के साथ सबसे बड़ा जोखिम तरलता या Liquidity का होता है। तरलता का अर्थ होता है किसी ऐसेट को बेचकर कितनी जल्दी आपको नकद या कैश में परिवर्तित कर सकते हैं। चूँकि किसी व्यक्ति को कभी भी कैश की आवश्यकता हो सकती है अतः अधिक तरलता वाले ऐसेट अच्छे माने जाते हैं सोना इसका एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसे आप बहुत कम समय में कैश में कन्वर्ट कर सकते हैं।

अब चूँकि Penny Stocks बहुत सस्ते होते हैं, जिस कारण अधिकांश लोग बहुत अधिक मात्रा में इन स्टॉक्स में पैसा निवेश करते हैं और मुनाफा कमाने की सोचते हैं लेकिन समस्या तब आती है जब बाजार में इन पेनी स्टॉक्स के कोई Buyer या खरीदार नहीं मिलते हैं और इनकी कीमत लगातार गिरने लगती है। अतः किसी सामान्य शेयर की तुलना में इन्हें बेचना बहुत मुश्किल होता है लिहाजा इस बात की बहुत कम संभावना होती है कि, जब निवेशक कैश की जरूरत (Liquidity) को पूरा करने के लिए अपने शेयर बेचना चाहे उन्हें कोई खरीदार न मिले।

पम्प-एंड -डंप का जोखिम

शेयर बाजार एक ऐसी जगह है जहाँ से छोटा बड़ा हर कोई निवेशक पैसा बनाना चाहता है और ऐसी स्थिति में कई बार छोटे निवेशक बड़े निवेशकों की बुरी नीतियों का शिकार भी बनते हैं। शेयर बाजार के संबंध में आपने पंप-और-डंप शब्दावली को अवश्य सुना होगा इसका इस्तेमाल बड़े निवेशक करते हैं आइए समझते हैं यह क्या है और Penny Stocks से कैसे जुड़ा है।

छोटी हो या बड़ी किसी भी कंपनी के शेयरों की कीमत डिमांड और सप्लाई के आधार पर तय होती है अर्थात किसी कंपनी के शेयरों की जितनी अधिक डिमांड होगी उसकी कीमत भी उतनी अधिक होगी, ऐसे में बड़े निवेशक कई बार Penny Stocks को भारी मात्रा में खरीद कर बाजार से उनकी सप्लाई को कम कर देते हैं और इससे उनकी कीमत बढ़ने लगती है।

Penny Stock की बढ़ती कीमत देख छोटे निवेशक शेयरों की कीमत में और वृद्धि होने की उम्मीद में शेयर खरीदने लगते हैं और ये बड़े निवेशक अब कम कीमत पर खरीदे शेयर बेच देते हैं जिससे शेयरों की कीमतों में फिर से गिरावट आ जाती है और छोटे निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ता है।

अत्यधिक अस्थिरता (वॉलेटिलिटी)

Penny Stock अन्य शेयरों की तुलना में अत्यधिक अस्थिर होते हैं और इसका कारण है इनका भारी मात्रा में ट्रेड होना, प्रत्येक निवेशक इनकी सस्ती कीमत के चलते अत्यधिक मात्रा में शेयर खरीदता और बेचता है जिससे पेनी स्टॉक की कीमत में कभी भी स्थिरता नहीं रहती और ये बेहद वॉलेटाइल होते हैं।

अच्छे Penny Stocks कैसे खरीदें?

जैसा कि, हमनें ऊपर बताया अच्छे पेनी स्टॉक छांटना किसी कचरे के ढेर से कोई काम की चीज ढूँढने के समान है अतः यदि आप अच्छी खासी रिसर्च करें तो अच्छे Penny Stocks ढूंढ सकते हैं जो भविष्य में आपके लिए Multibagger साबित हों। अच्छे Penny Stocks छाँटने के लिए आपको कई स्तर पर किसी कंपनी को जाँचना होगा। आइए कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने का प्रयास करते हैं-

  • सबसे पहले जिस सेक्टर या क्षेत्र विशेष जैसे बैंकिंग, फार्मा, FMCG, आईटी आदि में आपकी रुचि है उससे जुड़े कुछ Penny Stocks की एक सूची तैयार करें।
  • इसके बाद इनमें से उन Penny Stocks को अलग करें, जिनके प्रबंधन के खिलाफ अपने निवेशकों के साथ कोई धोखाधड़ी का मामला न हो दूसरे शब्दों में उन कंपनियों की एक लिस्ट बनाएं जिनका प्रबंधन किसी प्रकार की गड़बड़ी में संलग्न नहीं है।
  • तीसरे चरण में इन कंपनियों के वित्तीय आंकड़ों जैसे सेल्स, रिजर्व, कंपनी पर कर्ज इत्यादि को देखें और इन्हें इनके मार्केट कैप के अनुसार सूचीबद्ध करें
  • अगले चरण में प्रत्येक कंपनी के प्रबंधन के बारे में रिसर्च करें और बढ़ते मार्केट कैप और महत्वाकांक्षी और प्रोग्रेसिव प्रबंधन के अनुसार स्टॉक्स को सूचीबद्ध करें
  • अब आप इन कंपनियों में से सबसे शीर्ष कुछ कंपनियों में निवेश कर सकते हैं

ध्यान रहे यहाँ बताए गए रिसर्च मापदंड अंतिम नहीं हैं अतः किसी कंपनी को ऊपर बताए गए स्तर पर परखने के बाद भी उसमें जोखिम होने की संभावना बनी रहती है अतः निवेश करने से पूर्व किसी वित्तीय सलाहकार की राय लेना आवश्यक है।

Penny Stocks में निवेश के नुकसान और फायदे

पेनी स्टॉक्स को खरीदने के नुकसान की हमनें ऊपर चर्चा करी वहीं इनमें निवेश करने के फायदे की बात करें तो वह है अधिक मुनाफा, चूँकि ब्लूचिप कंपनियां आर्थिक रूप से स्थिर और परिपक्व हो चुकी कंपनियां होती हैं अतः इनमें ग्रोथ की दर बहुत धीमी होती है वहीं छोटी कंपनियां अपनी ग्रोथ के शुरुआती चरण में होती हैं, इनके अभी कई गुना तक ग्रो करने की संभावना होती है और यदि सही Penny Stock में निवेश किया जाए तो यह निवेशक को करोड़पति तक बना देता है।

उदाहरण के तौर पर शुक्रा फार्मास्युटिकल्स जिसके शेयर की कीमत 3 साल पहले 5 रुपये थी आज 125 रुपये की कीमत पर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा बजाज फाइनेंस जिसके एक शेयर की कीमत 2002 में 5 रुपये के करीब थी आज 6850 रुपये की कीमत पर ट्रेड कर रहा है।

उम्मीद है दोस्तों Penny Stocks क्या हैं से जुड़ा ये लेख आपको पसंद आया होगा, आप अपनी प्रतिक्रिया या लेख से जुड़े कोई भी सवाल हमसे कमेन्ट के माध्यम से पूछ सकते हैं, लेख को पढ़ने के लिए आपका आभार। यदि आप फाइनेंस या शेयर बाजार से जुड़े ऐसे ही लेख पढ़ते रहना चाहते हैं तो हमें फॉलो करें।

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