NFT क्या है, कैसे काम करता है और एनएफटी की फुल फॉर्म क्या है?

NFT का पूरा नाम "नॉन-फंजिबल टोकन" है। यह डेटा का एक पैकेट होता है, जिसे ब्लॉकचेन तकनीक की सहायता से निर्मित किया जाता है। डेटा के इस पैकेट में किसी भी कलाकृति से जुड़ी सूचना को स्टोर किया जा सकता है जैसे कलाकृति की प्रकृति, उसे बनाने वाले व्यक्ति तथा समय-समय पर उसे खरीदने अथवा बेचने वाले व्यक्तियों से जुड़ी जानकारी आदि।

NFT क्या है और NFT की फुल फॉर्म क्या है? इसे आपने ऊपर संक्षेप में जाना, लेख में आगे विस्तार से चर्चा करेंगे एसेट्स के इस नए डिजिटल रूप एनएफटी या नॉन-फंजिबल टोकन के बारे में, जानेंगे NFT क्या है, ये कैसे काम करते हैं? NFT कैसे बनाये जाते हैं, इन्हें कहाँ से खरीदा और बेचा जा सकता है तथा NFT बनाकर आप कैसे पैसे कमा सकते हैं?

NFT क्या है?

NFT का पूरा नाम या इसकी फुल-फॉर्म Non-Fungible Token है, यह एक क्रिप्टोग्राफिक टोकन या डेटा का एक पैकेट होता है, जिसे ब्लॉकचेन तकनीक (Blockchain Technology) द्वारा निर्मित किया जाता है।

यह क्रिप्टोकरेंसी की भाँति ब्लॉकचेन तकनीक का एक अन्य अनुप्रयोग है। इस टोकन में मौजूद डेटा या जानकारी किसी संपत्ति (अधिकांशतः डिजिटल संपत्ति जैसे फ़ोटो, ऑडिओ, वीडियो आदि) से संबंधित होती है। एक बार बनाए जाने के पश्चात इनका भविष्य में व्यापार किया जा सकता है।

ब्लॉकचेन डेटा को स्टोर करने की एक विकेंद्रीकृत व्यवस्था (Decentralized System) है, जिसमें डेटा को अलग-अलग ब्लॉक में स्टोर किया जाता है तथा प्रत्येक ब्लॉक दूसरे ब्लॉक से एक चेन के माध्यम से जुड़ा होता है। यह डेटा दुनियाँ भर के विभिन्न कंप्यूटरों में स्टोर रहता है, जिसके चलते किसी ब्लॉक में दर्ज सूचना से छेड़-छाड़ करना असंभव हो जाता है।

ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित होने के चलते यह अत्यधिक सुरक्षित है अतः एक बार किसी कलाकृति से संबंधित डिजिटल टोकन या NFT निर्मित हो जाने के पश्चात टोकन में मौजूद डेटा को परिवर्तित नहीं किया जा सकता है। इस डेटा में उस कलाकृति के निर्माता या मालिक की भी जानकारी दर्ज होती है, जिसके चलते यह तकनीक किसी कलाकार को उसकी कलाकृति के चोरी होने से सुरक्षा प्रदान करती है।

यह भी पढ़ें 👉 जन सेवा केंद्र (Jan Seva Kendra) या CSC कैसे खोलें? जानें CSC खोलने की योग्यता, दस्तावेज और प्रोसेस

किसी कलाकृति के ब्लॉकचेन पर दर्ज होने से लेकर समय-समय पर उसके हस्तांतरण या बिक्री को ऑन-चेन रिकॉर्ड किया जाता है, जिससे उसके उत्पत्ति, बिक्री तथा मूल्य के इतिहास का आसानी से पता लगाया जा सकता है। नॉन-फंजिबल टोकन या एनएफटी का मुख्य उद्देश्य किसी “डिजिटल कलाकृति” के स्वामित्व एवं उसके व्यापार (Trading) को आसान एवं सुरक्षित बनाना है। इनका उपयोग अद्वितीय (Unique) वस्तुओं के स्वामित्व का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जा सकता है।

Fungible और Non-Fungible क्या हैं?

एनएफटी के बारे में और अधिक जानने से पहले इसके शाब्दिक अर्थ को समझ लेना आवश्यक है। फंजिबल (Fungible) शब्द से आशय ऐसी वस्तुओं से होता है, जो अद्वितीय नहीं है अर्थात जिन्हें उनके ही समान दूसरी वस्तु से बदला जा सकता है।

उदाहरण के तौर पर 500 रुपये का कोई बैंक नोट Fungible है, क्योंकि उसे 500 के दूसरे बैंक नोट से बदला जा सकता है और ऐसा करने पर वही कीमत प्राप्त होती है, जो पिछले नोट की थी।

फंजिबल के विपरीत नॉन-फंजिबल (Non-Fungible) ऐसी वस्तुएं हैं, जो “अद्वितीय प्रकृति” की हैं, दूसरे शब्दों में इन्हें किसी अन्य वस्तु से प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता। इसके उदाहरणों में ऐसी कोई भी वस्तु हो सकती है, जो अपनी किस्म की केवल एक ही है, उदाहरण के तौर पर कोई विशिष्ठ पेंटिंग इत्यादि।

एनएफटी की विशेषता

मानव सभ्यताओं की विकास यात्रा के दौरान मनुष्य में कलात्मक गुणों का भी उद्भव हुआ है। समय के साथ ये गुण अलग-अलग रूपों जैसे संगीत, चित्रकला, वास्तुकला आदि में विकसित हुए हैं। वर्तमान में हम “डिजिटल युग” में जी रहे हैं और इसी का नतीजा है कि, कला का भी बहुत हद तक डिजिटलीकरण हो चुका है।

यह भी पढ़ें 👉 मामूली लागत से शुरू करें यह बिजनेस सालभर में होगी लाखों की कमाई

संगीत, चित्र, पेंटिंग, वीडियो विभिन्न प्रकार की कलाकृतियों का निर्माण करने तथा उन्हें स्टोर करने में डिजिटल दुनियाँ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। हालाँकि इसके कुछ नुकसान भी हैं डिजिटल प्रारूप में होने के चलते किसी कृति जैसे संगीत, चित्र आदि की प्रतिलिपियाँ बनाना आसान हो जाता है, जिसके चलते कोई भी कलाकार आर्थिक एवं मानसिक रूप से हतोत्साहित हो सकता है।

इसके अलावा अनेक प्रतिलिपि होने के चलते किसी एक रूप की प्रामाणिकता का अंदाज़ा लगा पाना भी मुश्किल होता है। इसी समस्या के समाधान के रूप में एनएफटी (नॉन-फंजिबल टोकन) को विकसित किया गया है, ताकि किसी डिजिटल कलाकृति के स्वामित्व को सुरक्षित तथा उसकी वास्तविकता को बरकरार रखा जा सके।

NFT कैसे काम करते हैं?

NFT को समझने के बाद आइए अब जानते हैं ये काम कैसे करते हैं, इंटरनेट पर अलग-अलग NFT मार्केटप्लेस मौजूद हैं, जहाँ कोई व्यक्ति कला के किसी रूप को डिजिटल टोकन या Non-Fungible Token में बदल सकता है। टोकन बनाने की यह प्रक्रिया “Minting” कहलाती है।

इस प्रक्रिया में एक स्मार्ट अनुबंध (Smart Contract) ब्लॉकचेन पर स्टोर किया जाता है। स्मार्ट अनुबंध ब्लॉकचेन के भीतर मौजूद प्रोग्रामिंग है, जो नेटवर्क को नॉन-फंजिबल टोकन लेन-देन से संबंधित सूचना को संग्रहीत करने में सक्षम बनाता है। एक बार स्टोर हो जाने के बाद जरूरत पड़ने पर इस सूचना को एक्सेस किया जा सकता है। स्मार्ट अनुबंध यह भी सुनिश्चित करता है कि, स्टोर सूचना पारदर्शी होने के साथ-साथ अपरिवर्तनीय भी हो।

NFT कहाँ खरीदे एवं बेचे जाते हैं?

जैसा कि, हमनें ऊपर बताया इंटरनेट में कई ऐसे मार्केटप्लेस उपलब्ध हैं, जहाँ से कोई व्यक्ति एनएफटी या नॉन-फंजिबल टोकन बना सकता है, इन्हीं मंचों के माध्यम से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा बनाई गई एवं सूचीबद्ध की गई NFTs को खरीदा भी जा सकता है।

इसके अलावा किसी सूचीबद्ध NFTs का सम्पूर्ण बहीखाता भी देखा जा सकता है, जैसे उन्हें कब एवं किसके द्वारा बनाया गया, समय-समय पर उन्हें किन-किन लोगों द्वारा खरीदा गया तथा वर्तमान में वह संपत्ति किस व्यक्ति के स्वामित्व में हैं। कुछ महत्वपूर्ण NFT मार्केटप्लेस निम्नलिखित हैं।

OpenSea

वर्तमान में NFTs मार्केटप्लेस में OpenSea सबसे अधिक लोकप्रिय है। यहाँ NFTs बनाना (Minting) तथा खरीदना बेहद आसान है। OpenSea के पास अपने प्लेटफॉर्म पर लगभग सभी प्रकार की डिजिटल संपत्तियां उपलब्ध हैं। 2017 में शुरू हुए इस प्लेटफ़ॉर्म में अभी तक 80 मिलियन से अधिक नॉन-फंजिबल टोकन सूचीबद्ध किये जा चुके हैं, जिनकी कुल कीमत तकरीबन 10 बिलियन डॉलर के करीब है।

Axie Marketplace

Axie मार्केटप्लेस “Axie Infinity” नाम के एक वीडियो गेम से संबंधित बाज़ार है, जहाँ इस वीडियो गेम के किरदारों तथा खेल से संबंधित अन्य सामग्री को खरीदा एवं बेचा जाता है। एक्सी इन्फिनिटी एक ब्लॉकचेन-आधारित ऑनलाइन गेम है, जिसमें खिलाड़ी “Axie” (खेल का किरदार) के NFTs खरीदते हैं और फिर उन्हें लड़ाई में एक-दूसरे के खिलाफ इस्तेमाल करते हैं। खिलाड़ी खेल के दौरान SLP टोकन अर्जित करते हैं तथा इन टोकनों के बदले मुद्रा प्राप्त कर सकते हैं।

Rarible

Rarible एक समुदाय के स्वामित्व वाला NFT बाज़ार है, यह क्रिप्टो स्पेस में सबसे पुराने एवं अग्रणी NFT मार्केटप्लेस में से एक है, जो OpenSea की भाँति विभिन्न प्रकार के नॉन-फंजिबल टोकन या NFT (किताबें, संगीत एल्बम, डिजिटल कला, या फिल्में आदि) का एक वृहत बाज़ार है। हालाँकि OpenSea के विपरीत इस प्लेटफ़ॉर्म में लेन-देन के लिए केवल इनकी स्वयं निर्मित क्रिप्टो करेंसी रिबल (RARI) का ही इस्तेमाल किया जा सकता है।

Nifty Gateway

निफ्टी गेटवे विशिष्ट NFT मार्केटप्लेस में से एक है, निफ्टी वही मार्केटप्लेस है, जहाँ दो सबसे महँगे NFTs बेचे गए हैं। इनमें डिजिटल कलाकार बीपल का “क्रॉसरोड” (वीडियो) और पाक का “द मर्ज” (इमेज) शामिल हैं, जो 2021 में क्रमशः US $6.6 मिलियन एवं US $91.8 मिलियन में बेचे गए।

यह नॉन-फंजिबल टोकन (एनएफटी) बाज़ार क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज GEMINI द्वारा संचालित किया जाता है, जो अपने ग्राहकों को क्रिप्टोकरेंसी के अलावा फिएट मुद्रा जैसे USD में भी खरीद-बिक्री करने का विकल्प देता है।

NFT का इस्तेमाल किन क्षेत्रों में किया जा सकता है?

नॉन-फंजिबल टोकन यानी NFT का इस्तेमाल कई क्षेत्रों में किया जा सकता है, जिससे कोई कलाकार अपनी कृतियों, कोई व्यक्ति अथवा संगठन अपने दस्तावेजों या विचारों आदि को सुरक्षित रख सके। ऐसे ही कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्र जहाँ इनका इस्तेमाल हो सकता है निम्नलिखित हैं।

NFT का इस्तेमाल फैशन एवं वस्त्र उद्योग में किया जाने लगा है। उदाहरण के तौर पर “Uniswap socks” एथेरियम ब्लॉकचेन पर आधारित NFTs हैं, जिन्हें सामान्य NFT की तरह ट्रेड किया जा सकता है, इसके अतिरिक्त टोकन धारक अपनी इच्छानुसार कभी भी अपना टोकन रिडीम कर वास्तविक सॉक्स के एक जोड़े को प्राप्त कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें 👉 12 महीने चलने वाला बिजनेस शुरू कर कमायें 50 से 70 हजार रुपये महिना, यहाँ देखें पूरी लिस्ट

एक अन्य ब्रांड “RTFKT” जिसे बाद में NIKE द्वारा खरीद लिया गया, ने 2021 में वर्चुअल स्नीकर्स डिज़ाइन किए, जहाँ बोली लगाने वाले स्नैपचैट के माध्यम से स्नीकर्स को आभासी रूप से पहन कर आज़मा सकते थे तथा बाद में उन्हें खरीदने के लिए बोली लगा सकते थे। उच्चतम बोली लगाने वाले को NFT टोकन समेत वास्तविक स्नीकर्स की जोड़ी प्राप्त करने का भी मौका मिला।

इसके अतिरिक्त फैशन एवं वस्त्र उद्योग में उत्पाद की गुणवत्ता एवं उसकी प्रामाणिकता बहुत अहम होती है, NFT की सहायता से प्रामाणिकता का डिजिटल रिकॉर्ड होने के चलते नकली सामान की पहचान हो सकती है तथा विलासिता की वस्तुओं से भी एक डिजिटल टोकन संलग्न कर उनकी वास्तविकता सुनिश्चित करी जा सकती है।

एनएफटी का उपयोग रियल एस्टेट लेन-देन अथवा संपत्ति हस्तांतरण को सरल और तेज करने के लिए किया जा सकता है, संपत्तियों के लिए स्मार्ट अनुबंध तैयार किये जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप, जो संपत्ति खरीद रहे हैं उसके बारे में अपने फोन के माध्यम से सब कुछ जानकारी जुटा सकते हैं जैसे कि, संपत्ति कब बनाई गई थी, पहले इसका स्वामित्व किसके पास था, इसमें क्या-क्या संशोधन किए गए हैं आदि।

कुछ विशिष्ट स्थानों एवं कार्यक्रमों आदि में भाग लेने के लिए एक टिकट अथवा पास की आवश्यकता होती है, किन्तु ब्लैक मार्केटिंग तथा नकली टिकट बेचना आदि इस व्यवस्था को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। इसके समाधान के तौर पर आने वाले समय में NFT का उपयोग किया जा सकता है। यह धोखाधड़ी को समाप्त करता है इसके साथ ही कागज के उपयोग को भी कम करता है।

NFT का एक अन्य फायदा मूल्यवान कलाकृति की प्रामाणिकता एवं स्वामित्व के रिकॉर्ड को बनाए रखना है। ब्लॉकचेन पर मौजूद होने के चलते इसके स्वामित्व का एक वैध रिकॉर्ड देखा जा सकता है, लिहाज़ा किसी डिजिटल आर्टवर्क के चोरी होने या इसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठने की बहुत कम संभावनाएं होती हैं। इन सब प्रयोगों के अलावा NFTs का उपयोग आपूर्ति श्रंखला प्रबंधन, गेमिंग आदि क्षेत्रों में भी किया जा सकता है।

NFT के फायदे एवं नुकसान

हर प्रद्योगिकी के सकारात्मक पहलुओं के साथ-साथ नकारात्मक पहलू भी उससे जुड़े हुए होते हैं, जिन्हें अनदेखा नहीं किया जा सकता। NFT तथा ब्लॉकचेन के भी अपने फायदे एवं नुकसान हैं, जिनमें से कुछ महत्वपूर्ण फ़ायदों एवं नुकसानों को हमनें यहाँ समझाने की कोशिश करी है।

NFT के क्या फायदे हैं?

✔️ NFTs का सबसे अहम फायदा किसी डिजिटल संपत्ति के स्वामित्व का एक विश्वसनीय लेखा-जोखा रखना है, जिसके साथ छेड़-छाड़ संभव नहीं है। हालाँकि किसी कलाकृति का डिजिटल टोकन (NFT) बना लेने से इंटरनेट पर उस कलाकृति के इस्तेमाल को नियंत्रित नहीं किया जा सकता, किन्तु इस टोकन के द्वारा व्यक्ति स्वामित्व के लिहाज से पूर्व की तुलना में अधिक सुरक्षित महसूस अवश्य कर सकता है।

✔️ डिजिटल टोकन होने के पश्चात यदि कोई कलाकृति इंटरनेट पर अधिक इस्तेमाल करी भी जाती है, तो उससे उसकी लोकप्रियता बढ़ती है, परिणामस्वरूप NFT के मूल्य में भी वृद्धि होती है और यह किसी कलाकार के लिए आर्थिक रूप से अच्छा है। इसके अतिरिक्त ब्लॉकचेन आधारित होने के चलते इसमें “स्मार्ट अनुबंध” बनाए जा सकते हैं, जिससे प्रत्येक बार किसी संपत्ति के बेचे जाने पर बनाने वाले व्यक्ति को एक हिस्सा रॉयल्टी के रूप में प्राप्त होता है।

यह भी पढ़ें 👉 पॉडकास्ट क्या है और इससे पैसे कैसे कमायें?

✔️ NFTs के माध्यम से कई महत्वपूर्ण भौतिक दस्तावेजों को उनकी प्रामाणिकता को बरकरार रखते हुए डिजिटल रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। इसके अलावा कोई कंपनी, संस्था आदि अपनी संवेदनशील जानकारी को अतिरिक्त सुरक्षा के साथ NFTs के माध्यम से संग्रहीत कर सकते हैं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार के डेटा परिवर्तन से बचा जा सके।

NFT के क्या नुकसान हैं?

❌ NFT व्यवस्था में सबसे बड़ी चुनौती इसका नियमन न होना है, चूँकि वर्तमान में सरकरों का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है अतः यह पूरी व्यवस्था किसी सट्टा बाज़ार के समान है, इसमें किसी प्रकार की अनियमितताओं की स्थिति में कौन जवाबदेह होगा यह तय नहीं है, यही कारण है कि, सरकार क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग के संबंध में भी लोगों को समय-समय पर सावधान करती रहती है।

❌ NFTs की पूरी आर्थिक व्यवस्था क्रिप्टोकरेंसी पर आधारित है तथा इनके मूल्य पर सरकारों का बिल्कुल भी नियंत्रण नहीं है अतः इनकी कीमतों के भविष्य का अंदाजा लगा पाना मुश्किल है। उदाहरण के तौर पर साल 2013 में बिटकॉइन में एक ही दिन में 70% की गिरावट दर्ज की गई। स्वयं NFTs की कीमत एक महत्वपूर्ण समस्या है, इनकी कीमत केवल भावनात्मक तौर पर है अतः निवेश के लिहाज से यह बहुत जोखिम भरे हो सकते हैं।

❌ किसी कलाकृति का NFT होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि, NFT धारक व्यक्ति के पास उस कलाकृति का कॉपीराइट भी हैं, अतः किसी विशिष्ट कलाकृति को खरीदने के दौरान यह सुनिश्चित करना किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे उदाहरण भी हैं, जब कुछ लोगों नें ऐसी कलाकृतियों के NFT टोकन बनाकर उन्हें सूचीबद्ध किया जिनका कॉपीराइट उनके पास नहीं था।

❌ ब्लॉकचेन आधारित यह तकनीक पर्यावरणीय लिहाज़ से भी हानिकारक है। ईथर और बिटकॉइन जैसी ब्लॉकचेन-आधारित क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन अथवा ब्लॉकचेन में कोई भी रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए अत्यधिक कम्प्यूटिंग शक्ति की आवश्यकता होती है, जिसके लिए अत्यधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

NFT कैसे बनाये जाते हैं?

NFT Kya Hai और कैसे काम करते हैं ये जानने के बाद आइए अब समझते हैं NFT कैसे बनाये जाते हैं? यदि आप अपनी किसी कलाकृति को एक डिजिटल टोकन या एनएफटी में बदलकर उसे किसी मार्केटप्लेस में सूचीबद्ध करना चाहते हैं तो आपको कुछ महत्वपूर्ण बातों को ध्यान रखना होगा।

नीचे हमनें एनएफटी कैसे बनाये जाते हैं? इससे जुड़े अलग-अलग चरणों की पूरी प्रक्रिया को समझाया है।

पहला चरण : चूँकि NFT मार्केटप्लेस में सभी लेन-देन क्रिप्टोकरेंसी (मुख्यतः ईथर/ETH) में किये जाते हैं, अतः सबसे पहले आपको आवश्यकता होगी एक क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट की ऐसे कुछ प्रमुख वॉलेट में Metamask, Coinbase, Trust Wallet, Math Wallet आदि शामिल हैं।

यह भी पढ़ें 👉 Business Idea: सिर्फ 50,000 रुपये से शुरू करें ये बिजनेस, लाखों में होगी कमाई

दूसरा चरण : क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट बन जाने के पश्चात आपको किसी एक NFT मार्केटप्लेस का चुनाव करना होगा, आप ऊपर बताए गए किसी प्लेटफ़ॉर्म को चुन सकते हैं या अपनी इच्छानुसार किसी अन्य प्लेटफ़ॉर्म का चुनाव भी कर सकते हैं।

अंतिम चरण : अब अपने डिजिटल वॉलेट को NFT मार्केटप्लेस से कनेक्ट कर अपने किसी डिजिटल आर्टवर्क को NFT के रूप में बदल सकते हैं अथवा प्लेटफ़ॉर्म पर सूचीबद्ध किसी अन्य NFT को खरीद भी सकते हैं।

भारत में NFT की लोकप्रियता

हालाँकि भारत में क्रिप्टोकरेंसी तथा NFTs को लेकर कोई कानून अभी तक अस्तित्व में नहीं है बावजूद इसके देश में NFT को लेकर लोगों का दिलचस्प बढ़ता जा रहा है। कई फिल्मी सितारों तथा खिलाड़ियों नें अपनी कुछ डिजिटल यादों अथवा संग्रहों के NFTs जारी किये हैं। फिल्मी सितारों में NFTs जारी करने वाले लोगों में अमिताभ बच्चन शीर्ष पर हैं।

उन्होंने Beyondlife नाम के एनएफटी मार्केटप्लेस में अपने एक NFT संग्रह को 7.18 करोड़ रुपये में बेचा। इनमें उनके पिता की प्रसिद्ध कविता “मधुशाला” तथा अपने ऑटोग्राफ वाले विंटेज पोस्टर के साथ उनके कुछ अन्य आर्टवर्क शामिल थे। इसके अतिरिक्त सिंगापुर आधारित एक एनएफटी मार्केटप्लेस ने NFT के रूप में रजनीकांत की “शिवाजी : द बॉस” फिल्म के कुछ संग्रह जारी करने के लिए फिल्म प्रोडक्शन कंपनी एवीएम स्टूडियोज के साथ एक समझौता किया है।

कुछ महत्वपूर्ण NFT बिक्री

पिछले कुछ समय में NFT की कई उल्लेखनीय बिक्रियां हुई हैं, जिनमें से दो के बारे में हमनें ऊपर जाना, इन बिक्रियों के चलते NFTs दुनियाँभर में चर्चा का विषय बन गए हैं। आइए नजर डालते हैं कुछ अन्य महत्वपूर्ण NFT बिक्रियों पर।

फरवरी 2021 में, डिजिटल कलाकार बीपल, जिसकी एक कृति का हमनें ऊपर जिक्र किया ने “Everyday : The First 5000 Days” नामक NFT को $69 मिलियन डॉलर में बेचा। यह 5,000 डिजिटल चित्रों का एक कोलाज है, जिसे 13 वर्षों में पूरा किया गया है।

यह भी पढ़ें 👉 न्यूनतम समर्थन मूल्य या MSP क्या है जिसकी गारंटी माँग रहे हैं किसान, जानें MSP से जुड़ी पूरी जानकारी

The First 5000 Days बीपल की एकमात्र डिजिटल कला नहीं थी, जो इस साल चर्चा में रही, क्रिस्टीज (NFT बाज़ार) द्वारा आयोजित एक अन्य नीलामी में “Human One” नामक उनकी उत्कृष्ट कृति $28.9 मिलियन डॉलर में बिकी।

NFT kya hai
द फर्स्ट 5000 डेज़ : बीपल द्वारा निर्मित 5000 चित्रों का कोलाज / सौजन्य : Christies

ट्विटर के संस्थापक जैक डोर्सी ने अपने पहले ट्वीट के NFT को $2.9 मिलियन से अधिक में बेचा। अपने भाई की उंगली काटने वाले बच्चे के लोकप्रिय वीडियो ‘Charlie Bit My Finger‘ को YouTube पर 800 मिलियन से अधिक बार देखा गया था, इस वीडियो का NFT लगभग £500,000 में बेचा गया।

सार-संक्षेप

नॉन-फंजीबल टोकन डेटा का एक पैकेट है, जिसे ब्लॉकचेन पर संग्रहीत किया जाता है। डिजिटल कला, संगीत, वीडियो, टिकट, डिजिटल संपत्ति ऐसे कुछ उदाहरण हैं, जिन्हें Non-Fungible Tokens के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है। Blockchain तथा NFT जैसी तकनीक की क्षमता को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि, आने वाले समय में ये Digital Economy का भविष्य बनकर उभरेंगी।

हालांकि NFT का शुरुआती अवस्था में होना, कानूनी नियंत्रण से बाहर होना तथा इनकी कीमतों के अस्थिर होने को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता है। अतः इस तकनीक का पूर्णतः लाभ लेने के लिए इसका नियमन एवं सकारात्मक इस्तेमाल की आवश्यकता है। उम्मीद है NFT क्या है और यह कैसे काम करता है इससे जुड़ा ये लेख पसंद आया होगा।

आर्टिकल शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *